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आशायें पल पल - Brossura

Agrawal, Deepa

 
9781807150792: आशायें पल पल

Sinossi

यह कविता संग्रह 'आशायें... पल पल' भावनाओं के अलग अलग रंगों से सजी कविताओं और आधुनिक जीवन की उलझनों एवं रिश्तों का एक काव्यात्मक सफर का संग्रह हैं। यह पुस्तक प्रेम, विरह, प्रकृति और जीवन के हर पहलू को दर्शाता है। इनमें आपको मिलेगा शहरी एकांत, बदलते रिश्तों की सच्चाई और खोए हुए खुद की तलाश।इसमे कवि ने उन भावनाओं को आवाज़ दी है, जिन्हें हम अक्सर महसूस तो करते हैं, पर कह नहीं पाते। यह पुस्तक उन सभी के लिए है जो अपनी आत्मा की गहराइयों में झाँकना चाहते हैं

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Informazioni sull'autore

पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर में जन्मीं और पढ़ी लिखी एक साधारण सी महिला, दीपा अग्रवाल कोई जानी-मानी हस्ती नहीं हैं। आप लोगों जैसे एक साधारण इंसान हैं। '' आशायें.... पल पल '' दीपा जी की पहली किताब हैं। इसकी कविताएं हमारे रोज घटने वाली घटनाओं एवं भावों का आईना हैं। इस काव्य पुस्तक में जीवन की गहराइयों को छू जाने वाली कविताएं हैं। इस पुस्तक की कविताएं आपको अपने जीवन से रूबरू करायेगी।इसमें उन्होंने जीवन की उन सच्चाई और संघर्ष को दिखाने की कोशिश की है जो हम जानते तो हैं पर मानते नहीं हैं। आप सभी पाठक इसे अपने जीवन से जुड़ा हुआ पायेंगे । उम्मीद है कि आप सभी को यह पुस्तक पसंद आयेगी।

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