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पंक्तियाँ एहसासों से शब्दों तक - Brossura

श्वेता लंके का

 
9781807157166: पंक्तियाँ एहसासों से शब्दों तक

Sinossi

स्त्री के हर रूप को टटोलने का मौका मिला, कुछ मैंने जिए और कुछ को सराहा, हर स्त्री एक शक्ति है और करुणामय भी, स्त्री के हर पहलू को इन शब्दों में पिरोने की कोशिश की है, प्रेम, विरह, आस, ममता, स्वरूप और श्रद्धा।

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Informazioni sull'autore

एक स्त्री का अनुभव हु, जिसके साथ अनेक स्त्रियों की जिंदगी के हिस्से जुड़े है। मेरे हर कार्य क्षेत्र में स्त्री का योगदान अमूल्य रहा है, वो सारी मेरे जीवन में शामिल है और मुझसे उनके किस्से जुड़े है।

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