Path Ka Paap - Rilegato

Raghav, Rangey

 
9788170281375: Path Ka Paap

Sinossi

प्रख्यात लेखक मोहन राकेश ने उपन्यास बहुत कम लिखे हैं परंतु वे बहुत ही लोकप्रिय हुए हैं। 'न आने वाला कल' आधुनिक तेजी से बदलते जीवन तथा व्यक्ति और उनकी प्रतिक्रियाओं पर बहुत प्रसिद्ध उपन्यास है जो आर्थिक संघर्ष, स्त्री-पुरुष संबंध तथा साहित्य और कला की दुनिया को बड़ी सूक्ष्मता से चित्रित करता है। यह उपन्यास प्रकाशित होते ही चर्चा का विषय बन गया था और अनेक युवक-युवती इसके चरित्रों में अपनी जीवन की झांकी पाते थे। आज भी यह उपन्यास उतना ही पठनीय तथा रोचक है, और लेखन के क्षेत्र में एक मानक का स्थान ग्रहण कर चुका है।

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Altre edizioni note dello stesso titolo

9789359643274: Path Ka Paap (पथ का पाप) [Paperback] Rangeya Raghav

Edizione in evidenza

ISBN 10:  9359643270 ISBN 13:  9789359643274
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