Articoli correlati a मैं अगर इश&#...

मैं अगर इश्क़ में थोड़ा खुद्दार ना होता - Brossura

उरेती, चन्द्र क

 
9789363315341: मैं अगर इश्क़ में थोड़ा खुद्दार ना होता

Sinossi

ये किताब एक गुज़ारिश के साथ उन सभी पाठकों को समर्पित है जो अपने दिल की बात खुलकर नहीं कह पाते,कि आप लिखिए,लिखना अच्छा होता है। इस किताब में व्याकरण बोध की कमी होना लेखक के नवसिखिये होने का प्रमाण देते रहेगी,पाठकों से गुंजाइश रहेगी इसे दरकिनार करने की,त्रुटियों के लिए क्षमाप्रार्थी।।

Le informazioni nella sezione "Riassunto" possono far riferimento a edizioni diverse di questo titolo.

Informazioni sull'autore

लेखक का जन्म २८ जनवरी १९९० को ग्राम ढुकुपथरा पोस्ट बक्साही (पाली) कोरबा छत्तीसगढ़ में हुआ है,इन्होंने अपनी शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय भूपदेवपुर रायगढ़ से पूर्ण की है और ये वर्तमान में छत्तीसगढ़ के उद्योग विभाग में पदस्थ है।।

Le informazioni nella sezione "Su questo libro" possono far riferimento a edizioni diverse di questo titolo.