Imroz Ki Amrita - Brossura

Kumar, Rohan

 
9789390944941: Imroz Ki Amrita

Sinossi

प्रेम के बीज दो लोग मिलकर बोते हैं, लेकिन उस प्रेम की पीड़ा जीवन भर किसी एक सीना छेदती रहती है। दो लोग जो मिले और फिर अजनबी हो गए। एक लड़का जिसने अपना प्रेम ढूंढ़ा अपनी हथेली की लकीरों में, लेकिन उसकी कायरता ने उससे छीन लिया उसका प्रेम। एक बेटा जो हमेशा अपने अतीत से भागता रहा लेकिन उसकी मां की मृत्यु ने उसे वापस से उन्हीं अतीत के पन्नों पर लाकर खड़ा कर दिया। दो किशोर जिन्हें शारीरिक और मानसिक बदलाव ने एक दूसरे के करीब किया, लेकिन अधूरे ज्ञान की वजह से उनका बचपन डूबते डूबते रहा गया। दो ऑनलाइन दोस्त जो समय से तलाश रहे थे अपना प्रेम, ग्रहों की दशा ने उन्हें एक दूसरे के सामने लाकर खड़ा कर दिया। एक आठवीं का लड़का जो वक़्त के साथ होने वाले नैसर्गिक बदलाव से जूझता वो सब कर लेना चाहता था जो उसके शारीरिक बदलाव चाहते थे।

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