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सत्ता से संगठन तक - Brossura

बघेल, हेमंत

 
9798237546408: सत्ता से संगठन तक

Sinossi

"सत्ता से संगठन तक" संगठन, कार्यकर्ता, नेतृत्व और बदलती राजनीति को जमीन के स्तर से समझने का एक प्रयास है। यह पुस्तक राजनीति को केवल चुनाव, पद और सत्ता के संदर्भ में नहीं देखती, बल्कि उस संगठनात्मक व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करती है जिसके आधार पर कोई राजनीतिक संगठन लंबे समय तक मजबूत और सक्रिय रह सकता है। पुस्तक में कार्यकर्ता के सम्मान और अवसर, युवा और महिला नेतृत्व, पुराने कार्यकर्ताओं और नए चेहरों के बीच संतुलन, उम्मीदवार चयन, बूथ संगठन तथा ब्लॉक और जिला संगठन की भूमिका जैसे विषयों को जमीनी अनुभवों और विचारों के माध्यम से सामने रखा गया है।

पुस्तक Leadership Pipeline, Performance Review, Mentorship, Social Media, Digital Communication, सरकार और संगठन के बीच संवाद तथा विपक्ष में रहते हुए संगठन की सक्रियता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विचार करती है। इसका केंद्रीय विचार है कि नेतृत्व अचानक तैयार नहीं होता, बल्कि छोटी जिम्मेदारियों, अनुभव, प्रशिक्षण, समीक्षा और निरंतर काम के माध्यम से विकसित होता है। "सत्ता से संगठन तक" इसी सोच के साथ यह सवाल सामने रखती है कि एक कार्यकर्ता को संगठन में केवल आज की भूमिका ही नहीं, बल्कि भविष्य में सीखने, जिम्मेदारी संभालने और नेतृत्व करने की संभावना भी कैसे मिल सकती है। यह पुस्तक संगठन के भीतर विश्वास, संवाद और जिम्मेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक जमीनी राजनीतिक पड़ताल है।

हेमंत बघेल छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के छोटे से गांव आसुलखार से आने वाले युवा राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। छात्र जीवन के दौरान उनका जुड़ाव NSUI से हुआ, जहां से उन्होंने छात्र राजनीति, संगठनात्मक कार्य और सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों को करीब से समझना शुरू किया। छात्र राजनीति से सक्रिय राजनीति तक के सफर में उन्होंने कार्यकर्ता की भूमिका, संगठन की कार्यप्रणाली, स्थानीय र

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