दुख और स्नेह: why we met - Brossura

सुमीत कुमार

 
9798888691182: दुख और स्नेह: why we met

Sinossi

"दुख और स्नेह" केवल एक पुस्तक नहीं,बल्कि मनुष्य की आत्मा के उन शांत कोनों की यात्रा हैजहाँ प्रेम, अकेलापन, स्मृतियाँ और अधूरापनधीरे-धीरे अपना घर बना लेते हैं।यह पुस्तक उन लोगों के लिए लिखी गई हैजो बहुत महसूस करते हैं,पर कम बोलते हैं।इन पन्नों में प्रेम को केवल सुंदर भावना की तरह नहीं,बल्कि उसकी पूरी सच्चाई में समझने का प्रयास किया गया है -उसकी गर्माहट, उसकी दूरी, उसकी पीड़ाऔर टूटने के बाद भी बची हुई कोमलता सहित।हर अध्याय मनुष्य के भीतर चल रहेकिसी अनकहे संवाद को छूता है।कहीं अकेलापन है,कहीं स्मृतियों का बोझ,कहीं क्षमा की कठिनाई,और कहीं स्वयं तक लौटने की धीमी यात्रा।यह पुस्तक उत्तर देने के लिए नहीं लिखी गई।यह उन भावनाओं को महसूस कराने के लिए लिखी गई हैजिनसे हम अक्सर भागते रहते हैं।यदि कभी आपने किसी को खोया है,यदि कभी आपकी चुप्पियों में दर्द रहा है,यदि कभी आपने प्रेम के बाद स्वयं को बदलते हुए महसूस किया है -तो संभव है यह पुस्तक आपको आपके ही किसी भूले हुए हिस्से से मिला दे।

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