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प्रेम या वासना - Brossura

RAM PRATAP SINGH

 
9798901361269: प्रेम या वासना

Sinossi

प्रेम या  वासना — दो शब्द, जो दिखने में समान लगते हैं,पर अर्थ में एक जीवन का अंतर समेटे हैं।प्रेम आत्मा को छूता है, वासना देह को; एक आत्मा को ऊँचाई देता है, दूसरा शरीर को तृप्ति। यह कहानी केवल शरीर की नहीं,मन की यात्रा है — उस क्षण की, जब स्त्री-पुरुष एक-दूसरे में घुलने लगते हैं,तो मन के भीतर एक ऐसा द्वंद्व जन्म लेता है जहाँ इंसान खुद से ही प्रश्न करने लगता है —“क्या मैं सच में प्रेम कर रहा हूँ, या वासना के भ्रम में खो गया हूँ?” “प्रेम या वासना” एक ऐसी कहानी है, जहाँ भावनाएँ और इच्छाएँ एक दूसरे के विरुद्ध खड़े होते हैं, और हर निर्णय के साथ बदलता है आत्मा का मार्ग। यही उलझन, यही संघर्ष  — इस कहानी की आत्मा है।

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