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सुशीला सदन: स्त्री निर्मित घर: 真真真 真真真� 真 - Rilegato

पराग डिमरी

 
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Sinossi

महकपुर की जयसिंह कालोनी, वहां एक 200 गज के घर के बनने का संघर्ष, घरवालों, पड़ोस की, दो पीढ़ी की दुनिया की कहानी है। यहां वो सब कुछ है, जो मानव, मानवीय पहलुओं, संवेदनाओं से जुड़ा है। मां -बेटे, पिता -पुत्र, सहेलियों, इनके साथ थोड़ी बहुत छिपी छिपी ,दबी दबी सी प्रेम कथा भी है। दांतों का हंसना, खिल-खिलाना, आंखों से नीर छलकना, कथा में खलनायक कोई नहीं, सभी का व्यवहार परिस्थिति जन्य है। अंबानी, अडानी जैसों की नहीं, अपनी छत के नीचे, दो रोटी चैन से खाने के लिए जद्दोजहद में जुटी रहने वाली जिंदगियों से जुड़ी कहानी।

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